सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को सीएसआईआर प्रयोगशालाओं की प्रौद्योगिकी से अवगत कराने के लिए सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर
भोपाल
मध्यप्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद् (सीएसआईआर) की प्रयोगशालाओं की विभिन्न प्रौद्योगिकी से अवगत कराने के लिए केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा की उपस्थिति में सहमति हुई। सीएसआईआर-एम्प्री (एडवांस्ड मटेरियल्स एंड प्रोसेस रिसर्च इंस्टीट्यूट), भोपाल के परिसर में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (मेपकॉस्ट) की ओर से महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी, सीएस आईआर की ओर से सीएसआईआर-एम्प्री के निदेशक डॉ. अविनाश कुमार वास्तव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की ओर से प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल और विज्ञान भारती की ओर से राकेश पांडेय ने सहमति दस्तावेज पर हस्ताक्षर किये।
इस अवसर पर विज्ञान भारती के राष्ट्रीय महासचिव जयंत सहस्त्रबुद्धे, परिषद् के कार्यकारी संचालक तस्नीम और वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण दिघर्रा उपस्थित थे। इन सहमति पत्र (एमओयू) के बाद प्रदेश के उद्यमियों को रोजगार के अवसर प्रदान करने और वर्तमान दौर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को और अधिक प्रतिस्पर्धी और सक्षम बनाने हेतु उन्हें नवीन तकनीकों से परिचित कराने की आवशयकता की पूर्ति होगी। आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के लिए यह आवश्यक है कि देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं तकनीकी संस्थानों द्वारा नवीन तकनीकों को उदीयमान एवं कार्यरत उद्यमियों तक पहुँचाया जाये, ताकि नवीन उद्योग (स्टार्टअप) को प्रोत्साहित किया जा सके एवं कार्यरत उद्यमों का उन्नयन किया जा सके।
मध्यप्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग एवं नव उद्यमियों को वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद् (सीएसआईआर) की विभिन्न प्रयोगशालाओं द्वारा उन्नत तकनीकी से अवगत कराने एवं इन तकनीकों के माध्यम से बेहतर कार्य करने हेतु चारों संस्थाओं द्वारा सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर किये गये। एमओयू कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने छोटे उद्योगों के लिए सीएसआईआर द्वारा विकक्त प्रौद्योगिकी में विशेष रूचि दिखाई है। उन्होंने सखलेचा की विज्ञान में विशेष दिलचस्पी की सराहना करते हुए कहा कि देश के सभी राज्यों के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रियों में वे पहले मंत्री हैं, जिन्होंने मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मघ्यम उद्यमों के विकास और विस्तार के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर विशेष जोर दिया है। मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि मेरी कोशिश है कि सीएसआईआर की 38 प्रयोगशालाओं द्वारा विकक्त प्रौद्योगिकी का लाभ प्रदेश के सभी उद्यमियों और युवाओं तक पहुँचे और हम आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश बनाकर प्रधानमंत्री मोदी जी के आत्म-निर्भर भारत के संकल्प को साकार कर सकें।

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